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बारिश के बाद नहीं हो जलभराव की समस्या, ये है दिल्ली सरकार का प्लान


Delhi Rain: दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने मानसून (Monsoon) के दौरान दिल्ली (Delhi) में होने वाले जलजमाव (Water Lodging) को रोकने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.  इस बाबत पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली के विभिन्न मुख्य जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम कर रही है जो भारी बारिश के दौरान भी जलजमाव की स्थिति पैदा नही होने देंगे. शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने इन तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए आईपी.एस्टेट रिंग रोड, WHO बिल्डिंग के सामने होने वाले जलजमाव वाली जगह का दौरा किया और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से जलजमाव को रोकने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया.

पीडब्ल्यूडी द्वारा जलजमाव से निपटने के लिए की गई तैयारियों और शुक्रवार को बारिश के बाद की स्थिति का निरीक्षण करते हुए, मनीष सिसोदिया ने कहा, “पिछले साल ये स्थान जलभराव के एक नए हॉटस्पॉट के रूप में उभरा था और जलजमाव के कारण यहां लोगों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार मानसून से पहले ही संज्ञान लेते हुए यहां जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.”

जलजमाव से बचने के लिए पंप के इंतजाम
सिसोदिया ने आगे कहा, “हमारे इंजिनियरों ने पूरी व्यवस्था कर ली है कि इस बार इस इलाके में कहीं भी जलजमाव की समस्या नहीं होगी. उन्होंने कहा कि इस बार यहां जलजमाव न हो इसको लेकर पीडब्ल्यूडी द्वारा यहां सड़क को ऊंचा किया है और जल निकासी के लिए आईपीजीसीएल के प्लांट के साथ एक स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया गया है.  बरसात के दौरान किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए यहां 9 पंप भी तैनात किए गए हैं. भारी बारिश में भी इस सड़क से लाखों लीटर पानी तुरंत हटाया जा सकता है.”

सीसीटीवी कैमरों से होगी जल-जमाव की निगरानी
अमूमन दिल्ली में मानसून (Dlehi Monsoon) के दौरान प्रति दिन अधिकतम 25-30 मिमी बारिश (Rain) होती है लेकिन पिछले साल शहर में 110 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. जिसकी वजह से दिल्ली के लोगों को कई स्थानों पर जलजमाव ( Water Lodging) की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा था. इस बात को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली सरकार ने इस साल युद्धस्तर पर काम करते हुए गंभीर जलजमाव वाले 7 क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पहले से ही जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. हर जलजमाव वाले स्थान की जरुरत के अनुसार वह लाखों लीटर क्षमता वाले पंप का निर्माण, पंप की तैनाती, स्टॉर्म वाटर ड्रेन (Storm Water Drain), अलर्ट अलार्म सिस्टम (Alert Alarm System), सीसीटीवी कैमरा (CCTV Camera) आदि लगाए गए है. इस साल जलजमाव से निपटने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक सेंट्रल कंट्रोल रूम भी तैयार किया है जहां से दिल्ली के 10 गंभीर जलजमाव वाले स्थानों की सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी.

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